जेल में डांस, मोबाइल, झारखंड की जेल में VIP कैदियों की मस्ती, वीडियो पर मचा बवाल

झारखंड की राजधानी रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा (होटवार जेल) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में दो हाई-प्रोफाइल कैदी—शराब घोटाले के आरोपी विधु गुप्ता और जीएसटी घोटाले के आरोपी विक्की भालोटिया—जेल के अंदर डांस और मस्ती करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो लगभग 17 सेकंड का है, जिसमें दोनों कैदी एक विशेष हॉल में मौज-मस्ती करते दिख रहे हैं, जहां तमाम सुविधाएं मौजूद हैं। इस वीडियो ने जेल प्रशासन से लेकर झारखंड सरकार तक को हिला दिया है।
जेल प्रशासन ने वीडियो वायरल होने के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने के बाद सहायक जेलर देवनाथ राम और जमादार विनोद कुमार यादव को निलंबित कर दिया गया है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर मोबाइल फोन जैसी प्रतिबंधित चीजें जेल के भीतर कैसे पहुंचीं और कैदियों को इतनी विशेष सुविधाएं किसकी अनुमति से दी गईं?
इस मुद्दे पर झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की जेलों में रसूखदार कैदियों के लिए अलग नियम चलते हैं। ऐसे कैदी पैसे के बल पर हर तरह की सुविधाएं हासिल कर लेते हैं—एसी कमरे, मोबाइल, और विशेष भोजन तक। मरांडी ने कहा कि जेलों में “एंट्री फीस” और “मासिक भुगतान” के बदले विशेष वार्डों में आरामदायक जीवन दिया जाता है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि जिन अधिकारियों ने इन वीआईपी कैदियों को दी जा रही सुविधाओं का विरोध किया, उनका ट्रांसफर या सस्पेंशन कर दिया गया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अधिकारी रॉबर्ट निशांत बेसरा ने जेल में गैर-कानूनी गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की थी, जिसके बाद उनका तबादला कर दिया गया। वहीं, हजारीबाग जेल में गड़बड़ी के लिए सस्पेंड हुए कारापाल दिनेश वर्मा को अब बिरसा मुंडा जेल में प्रभारी बना दिया गया है, जिसे मरांडी ने “पुरस्कार पोस्टिंग” बताया।
मरांडी ने सवाल उठाया कि क्या यह सब जेल आईजी की जानकारी के बिना हो सकता है? उन्होंने कहा कि केवल छोटे कर्मचारियों को निलंबित कर खानापूर्ति नहीं चलेगी—इस मामले की पूरी जांच जेल आईजी से लेकर उच्च अधिकारियों तक होनी चाहिए।